No Bag Day Saturday Activities Guide 2026-27 — नो बैग डे गाइड

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को 'नो बैग डे' (बस्ता मुक्त शनिवार — No Bag Day) का आयोजन अनिवार्य किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के 10 दिवसीय 'बैगलेस डेज' के विजन को धरातल पर उतारते हुए राजस्थान सरकार ने इसे एक साप्ताहिक उत्सव का स्वरूप दिया है।

सत्र 2026-27 के शिविरा पंचांग (Shivira Panchang) में नो बैग डे के संचालन हेतु स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। नो बैग डे का मुख्य उद्देश्य केवल बस्ते का बोझ कम करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, तार्किक सोच, भाषा कौशल, खेल भावना, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक दायित्वों का संवर्धन करना है। इस विस्तृत गाइड में हम नो बैग डे के 5 कक्षा-वार समूहों, माह के 5 शनिवारों की थीम, प्रायोगिक गतिविधियों, भौतिक रजिस्टर संधारण तथा शाला दर्पण ऑनलाइन प्रविष्टि की सम्पूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे।

📌 प्रशासनिक आदेश (Departmental Order): शिविरा पंचांग 2026-27 के अनुसार प्रत्येक शनिवार को विद्यालय सामान्य समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होगा। विद्यार्थियों को पुस्तकें व भारी बस्ता लाने से मुक्त रखा जाएगा। कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को 5 विभिन्न समूहों में विभक्त कर निर्धारित थीम पर 4 कालांशों में प्रायोगिक गतिविधियां करवाई जाएंगी।

1. नो बैग डे के 5 समूह वर्गीकरण (5 Student Cohorts / Groups)

विद्यालय में विद्यार्थियों के आयु वर्ग एवं सीखने के स्तर (Learning Level) के अनुरूप कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को पांच प्रमुख समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह का नामकरण अत्यंत प्रेरणादायक रखा गया है:

समूह का नाम (Group Name) संबद्ध कक्षाएं (Classes) प्रभारी शिक्षक (In-Charge Cadre) मुख्य शैक्षणिक फोकस (Core Focus)
1. अंकुर (Ankur) कक्षा 1 एवं 2 लेवल-1 अध्यापक (FLN Teacher) बुनियादी साक्षरता, खेल-खेल में सीखना, मौखिक अभिव्यक्ति, चित्रकला
2. प्रवेश (Pravesh) कक्षा 3 से 5 लेवल-1 अध्यापक पठन कौशल (प्रखर राजस्थान), बुनियादी गणित, पहेलियां, सामान्य ज्ञान
3. दिशा (Disha) कक्षा 6 से 8 लेवल-2 अध्यापक (गणित/विज्ञान/भाषा) विज्ञान प्रयोग, नाटक, भाषण, वाद-विवाद, क्राफ्ट निर्माण, योग
4. क्षितिज (Kshitij) कक्षा 9 एवं 10 वरिष्ठ अध्यापक (2nd Grade) करियर मार्गदर्शन, क्विज, सामाजिक सर्वेक्षण, डिजिटल साक्षरता
5. उन्नति (Unnati) कक्षा 11 एवं 12 प्राध्यापक (School Lecturer) प्रतियोगी परीक्षा तैयारी, नेतृत्व कौशल, नवाचार प्रोजेक्ट, समाज सेवा

2. माह के 5 शनिवारों की निर्धारित थीम (5 Saturday Monthly Themes)

शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक माह के शनिवारों को एक निश्चित थीम आवंटित की गई है ताकि गतिविधियों में विविधता और क्रमबद्धता बनी रहे। यदि किसी माह में 5 शनिवार आते हैं, तो पांचों शनिवारों के अनुसार आयोजन किया जाता है:

1st प्रथम शनिवार: राजस्थान को पहचानो (Know Your Rajasthan) / गणित-विज्ञान नवाचार

इस शनिवार का मुख्य केंद्र राजस्थान का भूगोल, गौरवशाली इतिहास, लोक कलाएं, प्रसिद्ध दुर्ग, नदियां, स्वतंत्रता सेनानी तथा बुनियादी विज्ञान एवं गणित के मॉडल तैयार करना होता है।

2nd द्वितीय शनिवार: भाषा कौशल विकास (Language Skills) एवं क्रीड़ा प्रतियोगिताएं

हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत भाषा में शुद्ध उच्चारण, सुलेख, वर्तनी सुधार (Spell-Bee), आशुभाषण, कविता पाठ, समाचार वाचन एवं स्थानीय पारम्परिक खेल (खो-खो, कबड्डी, सितोलिया) आयोजित किए जाते हैं।

3rd तृतीय शनिवार: खेलेगा राजस्थान, बढ़ेगा राजस्थान / कला व संस्कृति (Arts & Culture)

राज्य स्तरीय खेलों को प्रोत्साहन, अंतर-सदन खेलकूद प्रतियोगिताएं, लोकनृत्य (घूमर, कालबेलिया), देशभक्ति गीत, क्ले मॉडलिंग, रंगोली तथा अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी वस्तु (Best from Waste) निर्माण।

4th चतुर्थ शनिवार: बापू के सपने / सामाजिक सरोकार एवं बाल सभा (Social Awareness & Bal Sabha)

महात्मा गांधी के विचार, श्रमदान, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण (पौधारोपण), सड़क सुरक्षा नियम, बाल विवाह रोकथाम तथा सायंकालीन सार्वजनिक बाल सभा या अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM)।

5th पंचम शनिवार: साइबर सुरक्षा, डिजिटल नवाचार व विशिष्ट गतिविधियां (Open / Special Theme)

ICT लैब व मिशन स्टार्ट के माध्यम से सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर ठगी से बचाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की प्राथमिक समझ, आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल अथवा स्थानीय प्रतिभा सम्मान।

3. समूहवार प्रायोगिक गतिविधि ब्लूप्रिंट (Sample Activity Blueprint)

शिक्षकों की सुगमता हेतु नीचे प्रत्येक समूह के लिए व्यवहारिक गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है:

अंकुर समूह (कक्षा 1-2):

  • मुखौटा व अभिनय (Role Play): विभिन्न पशु-पक्षियों के मुखौटे पहनकर उनकी आवाज़ निकालना व सरल संवाद बोलना।
  • अक्षर व संख्या दौड़: मैदान पर वृत्ताकार रूप में 1 से 20 तक अंक और वर्णमाला लिखकर बच्चों को बोले गए अंक पर कूदने का अभ्यास।
  • अंगूठे व पत्तियों की छपाई: वाटर कलर से थंब पेंटिंग (Thumb Painting) द्वारा वृक्ष और तितलियों के चित्र बनाना।
  • बाल गीत व तुकबंदी: हाव-भाव के साथ स्थानीय व हिंदी बाल गीतों का सस्वर गायन।

प्रवेश समूह (कक्षा 3-5):

  • कहावतें व मुहावरे अंताक्षरी: राजस्थानी एवं हिंदी मुहावरों के अर्थ समझकर उनका वाक्यों में प्रयोग करना।
  • बाजार भ्रमण / डमी बैंक: कक्षा में नकली नोटों व सिक्कों की सहायता से खरीद-बिक्री तथा लाभ-हानि का व्यवहारिक ज्ञान।
  • पर्यावरण जासूस: विद्यालय परिसर में पाए जाने वाले 10 विभिन्न प्रकार के वृक्षों व पौधों की पत्तियों का संकलन कर उनकी स्क्रैपबुक बनाना।
  • पहेली प्रतियोगिता: गणितीय संक्रियाओं (जोड़, बाकी, गुणा) से संबंधित रोचक पहेलियां हल करना।

दिशा समूह (कक्षा 6-8):

  • विज्ञान के चमत्कारी प्रयोग: घर पर उपलब्ध सामग्री (नींबू रस, बेकिंग सोडा, हल्दी पेपर) से अम्ल-क्षार परीक्षण, प्रकाश के अपवर्तन का प्रदर्शन।
  • सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक संकेत: चार्ट पेपर पर यातायात संकेतों का निर्माण और सड़क पार करने के नियमों का ड्रामा प्रस्तुतीकरण।
  • मीना-राजू मंच व गार्गी मंच गतिविधियां: बालिकाओं के स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) एवं आत्मरक्षा (Self Defense) के बुनियादी गुर।
  • पारंपरिक राजस्थानी मांडणा: फर्श अथवा बोर्ड पर मांडणा कला का प्रदर्शन।

क्षितिज व उन्नति समूह (कक्षा 9-12):

  • युवा संसद (Youth Parliament): विद्यालय में संसदीय कार्यवाही का सजीव मंचन, विधेयक प्रस्तुत करना व प्रश्नकाल का संचालन।
  • करियर टॉक (Career Counseling): 10वीं व 12वीं के उपरांत विभिन्न क्षेत्रों (NDA, NEET, IIT, सिविल सेवा, पॉलिटेक्निक, कृषि) के अवसरों पर परिचर्चा।
  • साइबर सुरक्षा कार्यशाला: पासवर्ड सुरक्षा, सोशल मीडिया प्राइवेसी, फिशिंग लिंक की पहचान व साइबर हेल्पलाइन (1930) की जानकारी।
  • सामुदायिक सेवा (Community Outreach): पोषक गांव में जाकर नशामुक्ति या जल संरक्षण पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करना।

4. नो बैग डे भौतिक रजिस्टर संधारण (Documentation & Register Format)

प्रशासनिक निरीक्षण (Inspection) के समय नो बैग डे की नियमितता और गुणवत्ता का मूल्यांकन विद्यालय में संधारित 'नो बैग डे गतिविधि रजिस्टर' से किया जाता है। प्रत्येक विद्यालय में एक सुव्यवस्थित रजिस्टर होना अनिवार्य है।

कॉलम सं. कॉलम का शीर्षक (Field Name) विवरण (Description to Enter)
1 दिनांक व वार आयोजन की तिथि (उदा. 12/09/2026, शनिवार)
2 माह का शनिवार प्रथम / द्वितीय / तृतीय / चतुर्थ / पंचम शनिवार
3 मासिक थीम उदा. राजस्थान को पहचानो / भाषा कौशल
4 समूह का नाम अंकुर / प्रवेश / दिशा / क्षितिज / उन्नति
5 प्रभारी शिक्षक का नाम संबंधित गतिविधि संचालक शिक्षक का नाम व पद
6 आयोजित गतिविधि का विवरण गतिविधि का शीर्षक, उद्देश्य व संक्षिप्त कार्यप्रणाली
7 कुल नामांकित छात्र संबंधित समूह में कुल विद्यार्थी संख्या
8 उपस्थित व प्रतिभागी छात्र गतिविधि में सक्रिय भाग लेने वाले छात्र संख्या
9 उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता विद्यार्थी प्रथम, द्वितीय या सराहनीय कार्य करने वाले छात्रों के नाम
10 फोटोग्राफ व हस्ताक्षर गतिविधि का एक छोटा फोटो चस्पा करें, प्रभारी व HM के हस्ताक्षर
💡 प्रो-टिप (Best Practice): प्रत्येक शनिवार की गतिविधियों की 2-3 अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीरें खींचकर विद्यालय के डिजिटल रिकॉर्ड और शाला दर्पण अपलोड हेतु सुरक्षित रखें। विद्यार्थियों के हाथ से बनाए गए चार्ट और मॉडल्स को विद्यालय के डिस्प्ले बोर्ड पर 'शनिवारीय दीर्घा' में प्रदर्शित करें।

5. शाला दर्पण पोर्टल पर नो बैग डे प्रविष्टि (Shala Darpan Online Entry)

प्रत्येक शनिवार को गतिविधियां संपन्न होने के पश्चात शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि करना अनिवार्य प्रशासनिक दायित्व है। पोर्टल प्रविष्टि के चरणबद्ध निर्देश:

1 लॉगिन करें: शाला दर्पण स्कूल लॉगिन खोलें।
2 विद्यालय (School) टैब: मुख्य मेन्यू में School (विद्यालय) टैब पर क्लिक करें।
3 No Bag Day Module: उप-मेन्यू में दिए गए No Bag Day Activities (बस्ता मुक्त शनिवार प्रविष्टि) विकल्प का चयन करें।
4 तिथि व शनिवार का चयन: वर्तमान माह, सप्ताह (शनिवार क्रमांक) तथा संबंधित दिनांक का चयन करें।
5 समूहवार डेटा प्रविष्टि:
  • प्रत्येक समूह (अंकुर से उन्नति) के सामने आयोजित गतिविधि की श्रेणी ड्रॉपडाउन से चुनें।
  • प्रतिभागी विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या प्रविष्ट करें।
  • आयोजन का संक्षिप्त सारांश (50-100 शब्दों में) लिखें।
  • गतिविधि की जियो-टैग फोटो (यदि मांगी गई हो) निर्धारित साइज (50 KB से 100 KB) में अपलोड करें।
6 Submit & Lock: समस्त विवरण की जांच कर Submit बटन पर क्लिक करें। प्रविष्टि सफलतापूर्वक दर्ज हो जाएगी।

6. नो बैग डे के शैक्षणिक व मानसिक लाभ (Benefits for Students)

नो बैग डे कार्यक्रम केवल एक मनोरंजक अवकाश नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं:

  • मानसिक तनाव से मुक्ति: सप्ताह भर निरंतर पुस्तकों और गृहकार्य के दबाव के बाद शनिवार का दिन बच्चों में ताजगी और मानसिक स्फूर्ति भरता है।
  • शनिवारीय उपस्थिति में वृद्धि: पहले शनिवार को प्रायः सरकारी स्कूलों में उपस्थिति न्यून रहती थी। नो बैग डे की रोचक गतिविधियों ने शनिवार की उपस्थिति को 90%+ तक पहुंचा दिया है।
  • मंच भय (Stage Fear) का खात्मा: बाल सभा, भाषण और नाटकों में निरंतर भाग लेने से ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों का आत्मविश्वास और संप्रेषण क्षमता असाधारण रूप से मजबूत हुई है।
  • व्यावहारिक जीवन कौशल: अनुपयोगी सामान से कलाकृतियां बनाना, वित्तीय लेनदेन की समझ, प्राथमिक उपचार (First Aid) और आपदा प्रबंधन जैसी विद्याएं जीवन भर काम आती हैं।
  • शिक्षक-छात्र संबंधों में मधुरता: कक्षा की औपचारिक चारदीवारी से बाहर आकर मैदान में साथ खेलने और सीखने से शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद स्थापित होता है।

7. संस्थाप्रधान एवं PEEO के दायित्व (Monitoring & Supervision)

नो बैग डे की सफलता हेतु विद्यालय प्रधान एवं पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) को निम्नलिखित पर्यवेक्षण दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए:

  1. अग्रिम मासिक योजना: माह के प्रारंभ में ही स्टाफ बैठक आयोजित कर पांचों शनिवारों के समूह प्रभारियों और गतिविधियों का रोस्टर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवाएं।
  2. स्थानीय संसाधनों का उपयोग: गांव के कुशल कारीगरों, कुम्हार, बढ़ई, सेवा-निवृत्त सैनिकों, डॉक्टरों अथवा बैंक प्रबंधकों को शनिवार को 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में आमंत्रित करें।
  3. एसएमसी/एसडीएमसी भागीदारी: चतुर्थ शनिवार की बाल सभा में विद्यालय विकास समिति के सदस्यों तथा अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
  4. समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग: शनिवार सायं 5:00 बजे से पूर्व शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि पूर्ण कराना संस्थाप्रधान का व्यक्तिगत दायित्व है।

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र. 1: क्या नो बैग डे के दिन विद्यालय समय में कोई परिवर्तन होता है?
उत्तर: नहीं। विद्यालय संचालन का समय शिविरा पंचांग द्वारा निर्धारित नियमित समयानुसार ही रहेगा (ग्रीष्मकाल में 7:30 AM से 1:00 PM तथा शीतकाल में 10:00 AM से 4:00 PM)। केवल पाठ्यक्रम की पारंपरिक पुस्तकों के स्थान पर सह-शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
प्र. 2: यदि किसी शनिवार को राजपत्रित अवकाश आ जाए तो क्या होगा?
उत्तर: यदि किसी शनिवार को शिविरा पंचांग के अनुसार राजकीय अवकाश है, तो उस दिन नो बैग डे का आयोजन नहीं होगा और न ही उसे किसी अन्य वार को शिफ्ट किया जाएगा।
प्र. 3: क्या नो बैग डे पर मिड-डे मील (MDM) वितरित होता है?
उत्तर: हां, नो बैग डे पर मिड-डे मील (MDM) तथा मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के अंतर्गत दूध का वितरण नियमित कार्य दिवस की भांति निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से किया जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर एवं निदेशालय माध्यमिक शिक्षा बीकानेर द्वारा जारी नो बैग डे दिशा-निर्देशों तथा शिविरा पंचांग 2026-27 के प्रावधानों के आधार पर संकलित की गई है। विभागीय परिपत्रों में किए जाने वाले किसी भी सामयिक संशोधन हेतु शाला दर्पण के आधिकारिक पोर्टल को संदर्भित करें।

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About the Author: Yogesh Kumar

Yogesh Kumar is a dedicated Lecturer based in Jodhpur, Rajasthan, with extensive experience within the Rajasthan Education Department. He specializes in decoding complex educational circulars, Service Rules, Shala Darpan processes, and Pay Commission guidelines to provide clear, actionable, and 100% accurate information for fellow government teachers across the state. All content is fact-checked against official Bikaner Directorate orders.