Bal Gopal Yojana Stock Register Guide — बाल गोपाल योजना स्टॉक रजिस्टर

राजस्थान सरकार द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के पोषण स्तर (Nutritional Status) में सुधार लाने, कुपोषण से मुक्ति दिलाने तथा स्कूलों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना' (Mukhyamantri Bal Gopal Yojana - MMBGY) संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों, मदरसों एवं विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी अध्ययनरत विद्यार्थियों को सप्ताह के निर्धारित दिनों में निःशुल्क शुद्ध एवं पौष्टिक दूध उपलब्ध कराया जाता है।

विद्यालय स्तर पर योजना के सफल क्रियान्वयन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका संस्थाप्रधान और बाल गोपाल योजना प्रभारी शिक्षक की होती है। पाउडर मिल्क की प्राप्ति, भंडारण, दैनिक मात्रा निर्धारण, स्वच्छता से उबालना, स्वाद चखना और सबसे बढ़कर — दैनिक व मासिक स्टॉक रजिस्टर का त्रुटिहीन संधारण करना एक अनिवार्य विधिक और प्रशासनिक दायित्व है। शिविरा पंचांग 2026-27 (Shivira Panchang) तथा मिड-डे मील आयुक्तालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी प्रशासनिक निरीक्षण (Inspection) या सीएजी/आंतरिक ऑडिट (Audit) में स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक इन्वेंट्री में अंतर पाए जाने पर प्रभारी शिक्षक के विरुद्ध गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। इस विस्तृत लेख में हम बाल गोपाल योजना के मानक, रजिस्टर प्रारूप, दैनिक गणना और ऑनलाइन पोर्टल एंट्री को विस्तार से समझेंगे।

📌 योजना की पृष्ठभूमि व दूध आपूर्ति: बाल गोपाल योजना के अंतर्गत राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF - सरस डेयरी) द्वारा तैयार किया गया उच्च गुणवत्तायुक्त फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क पाउडर (Skimmed Milk Powder - SMP) 1 किलोग्राम के वैक्यूम पैक्ड बैग में विद्यालयों को ब्लॉक (CBEO/PEEO) स्तर से सीधे आपूर्ति किया जाता है।

1. विद्यार्थी पात्रता एवं दूध वितरण के निर्धारित मानक (Norms & Standards)

योजना के अंतर्गत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के छात्र-छात्राओं हेतु दूध की मात्रा, पाउडर वजन एवं चीनी का अनुपात राज्य सरकार द्वारा कड़ाई से निर्धारित किया गया है:

कक्षा संवर्ग (Class Category) तैयार तरल दूध की मात्रा (Liquid Milk) आवश्यक मिल्क पाउडर प्रति छात्र आवश्यक चीनी प्रति छात्र गर्म पानी की मात्रा प्रति छात्र
प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) 150 मिलीलीटर (ml) 15 ग्राम (gms) 8.4 ग्राम (gms) लगभग 135 ml स्वच्छ गुनगुना पानी
उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) 200 मिलीलीटर (ml) 20 ग्राम (gms) 10.2 ग्राम (gms) लगभग 180 ml स्वच्छ गुनगुना पानी
💡 व्यावहारिक अनुपात सूत्र: 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) मिल्क पाउडर के पैकेट से प्राथमिक स्तर के 66 विद्यार्थियों को दूध (15 ग्राम प्रति छात्र) अथवा उच्च प्राथमिक स्तर के 50 विद्यार्थियों को दूध (20 ग्राम प्रति छात्र) तैयार कर वितरित किया जा सकता है।

2. वितरण दिवस एवं समय-सारणी (Distribution Schedule)

शिविरा पंचांग 2026-27 के अनुसार बाल गोपाल योजना के तहत दूध वितरण की व्यवस्था निम्न प्रकार रहती है:

  • निर्धारित वार (Designated Days): शासन के नवीनतम आदेशानुसार सप्ताह में निर्धारित दिवसों (प्रायः मंगलवार एवं शुक्रवार अथवा राज्य सरकार द्वारा घोषित दिनों) पर दूध का वितरण किया जाता है।
  • अवकाश होने की स्थिति: यदि निर्धारित वितरण दिवस को शिविरा पंचांग के अनुसार राजकीय अवकाश या स्थानीय अवकाश रहता है, तो उसके ठीक अगले शैक्षणिक कार्य दिवस (Next Working Day) पर दूध का वितरण अनिवार्य रूप से किया जाता है।
  • वितरण का उपयुक्त समय: प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के तुरंत पश्चात अथवा मध्यांतर (Intervention/MDM Time) से 1 घंटा पूर्व दूध वितरण सर्वोत्तम माना गया है, ताकि भोजन के साथ बच्चों का पेट भारी न हो।

3. भौतिक स्टॉक रजिस्टर का सम्पूर्ण प्रारूप (Physical Register Layout)

प्रत्येक विद्यालय में बाल गोपाल योजना हेतु दो मुख्य रजिस्टर संधारित किए जाने चाहिए: 1. आवक-जावक स्टॉक रजिस्टर (Main Stock Ledger) एवं 2. दैनिक उपभोग व वितरण पंजिका (Daily Distribution Log)

प्रारूप 1: मिल्क पाउडर आवक रजिस्टर (Stock Receipt Ledger)

दिनांक बिल/चालान संख्या आपूर्तिकर्ता का विवरण प्राप्त पैकेट संख्या (1 Kg) कुल वजन (Kg) बैच संख्या व निर्माण तिथि समाप्ति तिथि (Expiry) प्रभारी के हस्ताक्षर
05/08/2026 RCDF/CBEO/412 सरस डेयरी / PEEO कार्यालय 25 पैकेट 25.000 Kg B-8874 / 06-2026 05-2027 हस्ताक्षर

प्रारूप 2: दैनिक वितरण व उपभोग पंजिका (Daily Consumption Register)

यह पंजिका प्रत्येक वितरण दिवस पर भरी जाती है। इसके कॉलम निम्न प्रकार रखे जाते हैं:

कॉलम 1 कॉलम 2 कॉलम 3 कॉलम 4 कॉलम 5 कॉलम 6 कॉलम 7 कॉलम 8 कॉलम 9
दिनांक व वार कक्षा वर्ग कुल नामांकन उपस्थित छात्र दूध पीने वाले छात्र पाउडर व्यय (Kg) चीनी व्यय (Kg) शेष स्टॉक (Balance) स्वाद चखने वाले शिक्षक हस्ताक्षर
11/08/2026 (मंगलवार) कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक) 45 40 40 0.600 Kg (40 × 15g) 0.336 Kg (40 × 8.4g) 24.400 Kg हस्ताक्षर (प्रातः 09:15)
कक्षा 6 से 8 (उच्च प्रा.) 55 50 50 1.000 Kg (50 × 20g) 0.510 Kg (50 × 10.2g) 23.400 Kg हस्ताक्षर (प्रातः 09:15)
उस दिन का कुल योग (Total for the Day): 90 छात्र 1.600 Kg 0.846 Kg अंतिम शेष: 23.400 Kg HM सील व हस्ताक्षर

4. मासिक स्टॉक समाधान सूत्र (Monthly Stock Reconciliation)

प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस पर बाल गोपाल योजना प्रभारी को भौतिक स्टॉक का लेखा-जोखा निम्न गणितीय सूत्र के आधार पर मिलाकर लॉक करना होता है:

स्टॉक मिलान का सार्वभौमिक सूत्र (Stock Reconciliation Formula):

प्रारंभिक शेष (Opening Stock) + माह में प्राप्त कुल स्टॉक (Receipt) - माह में कुल उपभोग (Total Consumed) = क्लोजिंग स्टॉक (Closing Balance)

उदाहरण: यदि माह के आरंभ में 5 Kg पाउडर था, माह में 20 Kg प्राप्त हुआ, और पूरे माह में कुल 18 Kg का उपभोग हुआ, तो विद्यालय के भंडार कक्ष में सटीक 7 किलोग्राम (7 पैकेट) मिल्क पाउडर भौतिक रूप से मौजूद होना चाहिए।

5. दूध बनाने एवं वितरण की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP & Safety Measures)

बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूध निर्माण में सर्वोच्च स्तर की स्वच्छता और सतर्कता बरती जानी चाहिए:

1 बर्तनों की सफाई व स्वच्छ जल: दूध बनाने के लिए केवल स्टेनलेस स्टील के बर्तनों (भगोने) का उपयोग करें। बर्तन को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोकर सुखाएं। केवल प्रमाणित स्वच्छ पेयजल (RO / फिल्टर जल) का ही उपयोग करें।
2 घोल तैयार करने की विधि:
  • पानी को पहले अच्छी तरह उबालें। फिर उसे थोड़ा गुनगुना होने दें।
  • पाउडर को सीधे उबलते पानी में न डालें अन्यथा गांठें (Lumps) बन जाती हैं।
  • गुनगुने पानी में निर्धारित मात्रा में पाउडर डालकर व्हिस्कर (मथनी/रई) से एकसार घोलें।
  • घुल जाने के पश्चात स्वादानुसार निर्धारित मात्रा में चीनी मिलाएं और पुनः उबाल आने दें।
3 स्वाद चखना एवं रोस्टर पंजिका (Mandatory Taste Testing):

दूध वितरण से न्यूनतम 15 से 20 मिनट पूर्व विद्यालय के किसी एक शिक्षक अथवा एसएमसी सदस्य द्वारा उस दूध को चखा जाएगा। चखने के बाद 'स्वाद रजिस्टर' में दूध की गुणवत्ता, तापमान व गंध के संबंध में संतुष्टि की टिप्पणी लिखकर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद ही बच्चों को दूध वितरित किया जाएगा।

⚠️ सुरक्षा चेतावनी: किसी भी स्थिति में बचे हुए बासी दूध का पुनः उपयोग न करें। यदि दूध के रंग, स्वाद अथवा गंध में कोई असामान्यता दिखे या दूध फट जाए, तो उसका वितरण तत्काल रोक दें और तुरंत PEEO/CBEO तथा स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।

6. शाला दर्पण एवं एमडीएम पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि (Online Reporting)

दैनिक भौतिक रजिस्टर भरने के साथ-साथ डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत उसी दिन ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य है:

  1. दैनिक SMS / ऑटोमेटेड कॉल (IVRS Reporting): प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से पूर्व विद्यालय के पंजीकृत मोबाइल नंबर से MDM पोर्टल पर लाभान्वित छात्रों की संख्या SMS द्वारा भेजी जाती है।
  2. शाला दर्पण MDM मॉड्यूल: शाला दर्पण पोर्टल पर School -> Mid Day Meal -> Bal Gopal Yojana Entry में जाकर वितरण दिवस, कक्षावार लाभान्वित संख्या, पाउडर व्यय एवं चीनी व्यय की प्रविष्टि करें।
  3. मासिक बिल व कुकिंग चार्ज क्लेम: चीनी क्रय राशि, गैस सिलिंडर व्यय तथा कुक-कम-हेल्पर के अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ते का क्लेम माह के प्रथम सप्ताह में जनरेट कर PEEO को अग्रिम भुगतान हेतु प्रेषित किया जाता है।

7. प्रमुख ऑडिट आक्षेप एवं उनसे बचाव (Common Audit Objections & Prevention)

विद्यालय निरीक्षण और आंतरिक वित्तीय अंकेक्षण के दौरान निम्नलिखित 5 कमियां सबसे अधिक पाई जाती हैं:

  • आक्षेप 1: रजिस्टर में कांट-छांट (Overwriting without Counter-Signature): रजिस्टर में फ्लूइड लगाना या ओवरराइटिंग करना ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितता मानी जाती है। यदि कोई त्रुटि हो, तो उसे एक सीधी रेखा से काटकर सही संख्या लिखें और संस्थाप्रधान के लघु हस्ताक्षर करवाएं।
  • आक्षेप 2: छात्र उपस्थिति और दूध पीने वालों की संख्या में असमानता: कभी-कभी शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर से अधिक छात्रों को दूध पीता हुआ दर्शा देते हैं, जो असंभव है। दूध पीने वाले छात्रों की संख्या हमेशा उस दिन की कुल भौतिक उपस्थिति के बराबर या उससे कम ही होनी चाहिए।
  • आक्षेप 3: खाली पैकेटों का निस्तारण रिकॉर्ड न होना: उपभोग किए गए 1 Kg के खाली रैपर्स/थैलियों को नष्ट करने या नीलामी का पंचनामा नहीं बनाया जाना। खाली पैकेटों का माहवार बंडल बनाकर सुरक्षित रखें।
  • आक्षेप 4: चीनी क्रय के जीएसटी बिल अनुपलब्ध होना: बाजार से चीनी क्रय करने पर सामान्य कच्चे पर्चे लगा दिए जाते हैं। हमेशा अधिकृत व्यापारी से जीएसटी इनवॉइस (GST Bill) ही प्राप्त कर वाउचर फाइल में लगाएं।

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र. 1: यदि कोई छात्र दूध पीने से मना कर दे तो क्या करें?
उत्तर: दूध वितरण पूर्णतया स्वैच्छिक और बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन हेतु है। किसी भी बच्चे को जबरन दूध पीने के लिए बाध्य न करें। रजिस्टर में केवल उन्हीं छात्रों की प्रविष्टि करें जिन्होंने वास्तव में दूध ग्रहण किया है।
प्र. 2: क्या कक्षा 9 से 12 के छात्रों को बाल गोपाल योजना का दूध दिया जा सकता है?
उत्तर: नहीं। वर्तमान राज्य सरकारी नियमों के अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना केवल कक्षा 1 से 8 (प्रारंभिक शिक्षा) के विद्यार्थियों के लिए ही स्वीकृत है। माध्यमिक कक्षाओं के लिए बजट और पाउडर का आवंटन नहीं होता।
प्र. 3: एक्सपायर होने वाले मिल्क पाउडर का क्या करें?
उत्तर: मिल्क पाउडर पैकेट पर अंकित 'Best Before / Use by Date' की निरंतर जांच करें। यदि 1 माह पूर्व तक पाउडर की खपत न हो पा रही हो, तो तुरंत अपने PEEO/CBEO को सूचित कर निकटवर्ती बड़े विद्यालय में स्टॉक ट्रांसफर करवाएं। एक्सपायरी के बाद उपयोग सर्वथा वर्जित है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, मिड-डे मील आयुक्तालय जयपुर एवं शिविरा पंचांग 2026-27 के आधिकारिक परिपत्रों के आधार पर शिक्षकों की कार्य-सुगमता हेतु बनाई गई है। किसी भी वित्तीय एवं प्रशासनिक विवाद की स्थिति में विभागीय नियमों एवं सक्षम स्तर से जारी आदेशों को ही अंतिम माना जाएगा।

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About the Author: Yogesh Kumar

Yogesh Kumar is a dedicated Lecturer based in Jodhpur, Rajasthan, with extensive experience within the Rajasthan Education Department. He specializes in decoding complex educational circulars, Service Rules, Shala Darpan processes, and Pay Commission guidelines to provide clear, actionable, and 100% accurate information for fellow government teachers across the state. All content is fact-checked against official Bikaner Directorate orders.